Chiragh society

CHIRAGH Society is a non-government organization (NGO) the registration number is 812. It was established in the year 2001, Chiragh society works in the area of child rights, child protection and, Education & Literacy and also in the held of minority development, Environment etc. The organization works towards the promotion of sustainable development. The organization operates in Uttar Pradesh India

Donate for hunger child, medicine, or child education

History

CHIRAGH Society at a Glance:-

It is a matter of 1995 era when I (ZAFAR ALAM) was quite young and got an opportunity by Pulse Polio campaign to serve the marginalized community of Firozabad Slums. During my tenure, I had observed that there are no basic facilities of schools, roads, health centers, drains and sewers. There was a huge problem of health issues like diarrhea, tuberculosis, malnutrition, polio, etc. due to waterlogged and piles of garbage were gathered place to place in slums, while people were also facing the shortage of drinking water. I was so depressed to see the living condition of this uneducated society and their malnourished children, anemic girls, and innocent women being forced to live their lives between four walls of home under the purdah system. I started getting worried about this underprivileged Society how to help them? Or what we can do so that this underprivileged community links with the mainstream. How can we create awareness in this community to change their living standard? 

Then we decided to work for the social and economic upliftment of this vulnerable community through Nonprofit Organization, But we have also observed that these innocent people have kept in the trap of moneylenders, “SATTA MAFIA” and the local suppliers of SMACK & CHARAS. The hand of these mafias was very long and no one from the community was ready to speak raise their voice against and the fear of these MAFIA’s was prevalent in the uneducated society. When I decided to stand up against them because of this my friends also left me. My father Late Mr. Mohammad Saleem and some other family members encouraged me to go ahead because these innocent peoples were in darkness and we made our aim to change this darkness into light through Sustainable Solutions. My loving younger brother Late Farhat Alam proposed to us the name for our Not-for-Profit Organization which will be called the name of “CHIRAGH SOCIETY” because it reflects the light. We didn’t have any expertise or experience, but we have zeal, passion, and motivation to bring social change. 

Chiragh's Vision

CHIRAGH’S vision is just a society in which men, women and children are equal. We believe that each and every person- irrespective of their sex, age, caste, class and religion should have a life of freedom and dignity in which they enjoy all their rights and have the opportunity to fully develop their potentials.

In pursuit of this vision, Chiragh Society works for vulnerable sections of society facing inequality and injustice to help them. We aim to strengthen ties in the local community so that people can work together to bring about positive changes in their lives. We particularly encourage women and children to participate in this process, as they are the most marginalized and powerless social group in our country. Chiragh Society gives them the opportunity to develop their decision-making skills and leadership capacity so that they can address the issues affecting their lives. Playing the role of catalysts, we help to implement sustainable development processes that will make communities self-sufficient in the long term.

शिक्षा के क्षेत्र में किए गए चिराग़ द्वारा किए गए प्रयास जो सफल हुए! 

 
चिराग चिराग ने लगभग इस वर्ष पहले  शहर की मलिन बस्तियों में जब बालिका शिक्षा की दुर्दशा देखी तब इन क्षेत्रों में बालिका शिक्षा के लिए प्रयास किए गए उस दौर में नई आबादी के नाम से मशहूर कुछ मोहल्ले जिनमें आज लगभग दो लाख की आबादी है इन क्षेत्रों में संस्था के वॉलिंटियर्स अशिक्षित परिवारों को शिक्षा दिलाने के लिए प्रेरित करते थे उन दिनों इन मोहल्लों में मात्र 5% बेटियां ही शिक्षा लेती थी बेटियों को शिक्षा दिलाना खराब माना जाता था संस्था ने बालिका शिक्षा के लिए काफी प्रयास किए बड़ी तादाद में रैली, जागरूकता मीटिंग,महिला मीटिंग, रिलीजियस मीटिंग और तरह-तरह के जागरूकता कार्यक्रमो का आयोजन किया जिसके लिए  बड़ी तादाद में क्षेत्रीय व्यक्तियों द्वारा बालिका शिक्षा का विरोध किया लेकिन संस्था के अथक प्रयासों से एक बड़ा नेटवर्क स्थापित हुआ आज 23 वर्ष पूरे होने के बाद  आज वही पेरेंट्स बालिका शिक्षा को लेकर काफी चिंतित है आज इन्हीं इलाकों के में 60 से 65% बालिकाएं विद्यालय में पढ़ने जा रही है इन क्षेत्रों के अधिकतर  पेरेंट्स  का मानना था कि बेटियों को तालीम दिलाने की क्या जरूरत है? बेटियों के लिए तो केवल धार्मिक तालीम ही काफी है इन्हें घर में करना ही क्या है? घर का चौका बर्तन के साथ ही बच्चों की परवरिश ही तो करनी है जो उनके लिए काफी है। संस्था की कोशिशों से आज शहर के अन्य इलाकों में काफी परिवर्तन आया है लोग बदले हैं और बालिका शिक्षा को सबसे ऊपर महत्व दे रहे सबसे बड़ी बात यह है संस्था द्वारा किए गए सामाजिक कार्यक्रमों में सरकारी धन का कोई उपयोग नहीं हुआ। यह चिराग सोसाइटी के अपने व्यक्तिगत प्रयास रहे है। जिससे यह परिवर्तन आ सका “चलो चलें,स्कूल चलें”, तालीम जिंदगी है या स्कूल चलो अभियान आदि तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर संस्था ने अपने आपको इन पिछड़े़ इलाकों में साबित किया है और यह सिलसिला लगातार आगे भी जारी रहेगा!

Chiragh society in news paper

टूटती शादियों को बचाने का प्रयास "ऑपरेशन मिलन"

SPL sports news

Trust is most important part of marrige life
"Don't Break your marrige"

जिला स्तरीय कमेटी में चिराग़ सोसाइटी का स्थान

  • सदस्य- पी0सी0पी0एन0डी0टी0 (सलाहकार समिति)।
  • सदस्य- डी0टी0एफ0 (जिला टास्क फोर्स स्वास्थ्य विभाग)
  • सदस्य- आशा मेन्टारिंग ग्रुप (स्वास्थ विभाग)
  • सदस्य- राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (स्वास्थ विभाग)।
  • सदस्य- जिला खाद्यय एंव ओषधि सर्तकता समिति
  • सदस्य- टी0बी0/एच0आई0वी0 कोर्डिनेशन कमेटी (स्वास्थ विभाग)
  • सदस्य- टास्क फोर्स बालश्रम (श्रम विभाग)।
  • सदस्य- माता-पिता ओर वरिष्ठ नागरिकों का भरण पोषण कल्याण समिति, (समाज कल्याण विभाग)।
  • सदस्य- जिला निरीक्षण समिति (बाल कल्याण)।
  • सदस्य- जिला स्वास्थ्य समिति (स्वास्थ विभाग)।
  • सदस्य- जिला स्तरीय मातृत्व मृत्यू समीक्षा समिति फिरोजाबाद (स्वास्थ विभाग)
  • सदस्य- जिला एकीकरण समिति (समाज कल्याण विभाग)।
  •  सदस्य- अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण सर्तकता माॅनीटिरिंग समिति (समाज कल्याण)
  •  सदस्य- जिला स्टेरिंग समिति (राष्ट्रीय महिला सशक्तिकरण)
  •  सदस्य- जिला दिव्यांगजन समिति (दिव्यांगजन विभाग)।
  •  सदस्य- मल्टी सेक्टोरल डवलपमेन्ट प्लान (अल्पसंख्यक कल्याण विभाग)।
  • सदस्य- लोकल लेविल समिति (दिव्यांगजन विभाग)।
  • सदस्य- जिला क्वाॅलिटि एसोरेन्स सैल (स्वास्थ विभाग)।
  • सदस्य- जिला वाॅष फाॅरम (पंचायती राज विभाग)।
  • सदस्य- समस्त नगरीय स्वास्थ्य केन्द्र जनपद-फिरोजाबाद।
  • सदस्य- रोगी कल्याण समिति, जिला अस्पताल फिरोजाबाद।
  • सदस्य-जिला निरीक्षण समिति, जनपद-मथुरा।
  • सदस्य-जिला बाल संरक्षण समिति, जनपद- मथुरा।

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